बिना योग्यता और तैयारी के 9 परीक्षाओं में आवेदन, आरोपी खालिद मलिक की न्यायिक हिरासत 14 दिन बढ़ी – HNM

0
IMG_5094.jpeg

देहरादून: पेपर लीक मामले में फंसे मुख्य आरोपी खालिद मलिक और उसकी बहन साबिया की न्यायिक हिरासत मंगलवार को 14 दिन और बढ़ा दी गई। दोनों को जिला अदालत में पेश किया गया था, जहां अदालत को बताया गया कि एसआईटी (विशेष जांच टीम) की जांच अभी जारी हैऔर साक्ष्य जुटाने के लिए अधिक समय की आवश्यकता है। इसके चलते दोनों की हिरासत बढ़ाने की मांग की गई, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया।

खालिद के घर से नहीं मिलीं तैयारी की सामग्री

एसआईटी ने खालिद के हरिद्वार स्थित घर पर सर्च वारंट के तहत छापा मारा, लेकिन वहां प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़ी कोई किताबें या नोट्स नहीं मिले। इससे यह शक गहराया कि वह बिना तैयारी के ही परीक्षाओं में शामिल हो रहा था

जांच में पता चला है कि खालिद ने वर्ष 2024 से 2025 के बीच नौ प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए आवेदन किया था, जिनमें से वह पांच में शामिल ही नहीं हुआ, और बाकी में उसके बेहद कम अंक आए

नकल के भरोसे साजिश की आशंका

इन तथ्यों से संकेत मिल रहे हैं कि खालिद लंबे समय से नकल या किसी अंदरूनी सांठगांठ के भरोसे परीक्षाओं में सफलता पाने की योजना बना रहा था। एसआईटी अब यह जांच कर रही है कि उसने कब-कब और किन तरीकों से नकल या साजिश के प्रयास किए। इस सिलसिले में कस्टडी रिमांड लेकर दोबारा पूछताछ की जा सकती है

अयोग्य होते हुए भी किया कई परीक्षाओं के लिए आवेदन

एसएसपी अजय सिंह के अनुसार, तलाशी के दौरान कुछ महत्वपूर्ण जानकारियाँ हाथ लगी हैं। सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई है कि खालिद ने ऐसी परीक्षाओं के लिए भी आवेदन किया, जिनके लिए उसके पास जरूरी शैक्षणिक योग्यता नहीं थी

ये भी पढ़ें  बजाज समूह के 100 वर्ष स्वतंत्रता संग्राम से वैश्विक विस्तार तक, पीएम नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र निर्माण के एक शतक की सराहना की - HNM

अब एसआईटी इस बिंदु की गहराई से जांच कर रही है कि खालिद की मंशा क्या थी — जब न उसके पास योग्यताएं थीं, न तैयारी, तो फिर नौ परीक्षाओं के लिए आवेदन क्यों किया गया? इन सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच का दायरा और व्यापक किया जा रहा है, और पिछले दो वर्षों में खालिद के संपर्कों की भी जांच की जाएगी

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed