मुख्यमंत्री ने 10,709 निर्माण श्रमिक लाभार्थियों के खातों में 18.49 करोड़ रूपये की सहायता राशि डीबीटी के माध्यम से की हस्तांतरित – HNM

0
IMG-20260919-WA0027.jpg

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को मुख्यमंत्री आवास में आयोजित कार्यक्रम में उत्तराखण्ड भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड की विभिन्न श्रमिक कल्याण योजनाओं के अंतर्गत 10,709 पात्र लाभार्थियों के बैंक खातों में एक क्लिक के माध्यम से 18 करोड़ 49 लाख रूपये की सहायता राशि डीबीटी के माध्यम से हस्तांतरित की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि निर्माण श्रमिक राज्य के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। राज्य सरकार का प्रयास है कि श्रमिकों और उनके परिवारों को शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं का लाभ सरल, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से मिले। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि श्रमिक कल्याण योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र श्रमिक परिवार तक पहुंचाना सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि श्रमिकों की स्वास्थ्य जांच के दौरान जिन लोगों में किसी बीमारी की पहचान हुई है, स्वास्थ्य विभाग से समन्वय कर उनके समुचित उपचार की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि त्योहारी सीजन शुरू होने वाला है। सभी विभाग यह सुनिश्चित करें कि अपनी विभागीय योजनाओं के माध्यम से अधिक से अधिक जनसुविधा और जनसेवा के कार्य किए जाएं। मुख्यमंत्री ने श्रमिकों के बच्चों की शिक्षा, परिवारों के पोषण, महिलाओं के स्वास्थ्य तथा कार्यस्थल पर स्वास्थ्य सेवाओं को प्रभावी रूप से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता के साथ पात्रता सत्यापन और जनपदवार कवरेज की नियमित मॉनिटरिंग की जाए। दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले पात्र श्रमिक भी योजनाओं के लाभ से वंचित न रहें।

कार्यक्रम में जानकारी दी गई कि वर्तमान डीबीटी के अंतर्गत प्रसूति एवं प्रसविधा हेतु सहायता के 95, मृत्युपरांत सहायता के 177, विवाहोपरांत (पुत्री विवाह) सहायता के 2,354 तथा शिक्षा सहायता के 8,083 लाभार्थी शामिल हैं। इस प्रकार कुल 10,709 लाभार्थियों को सहायता राशि हस्तांतरित की गई। बैठक में उत्तराखण्ड भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड द्वारा निर्माण श्रमिक परिवारों के लिए संचालित समेकित कल्याण मॉडल की प्रगति की जानकारी भी दी गई। बताया गया कि अब तक 33,429 शिक्षण सामग्री किट, 26,674 स्वच्छता सामग्री किट और 23,216 पोषाहार किट वितरित की गई हैं। इस प्रकार कुल 83,319 किट का वितरण किया जा चुका है। श्रमिक स्वास्थ्य योजना के अंतर्गत 20,527 स्वास्थ्य स्क्रीनिंग और 2,32,281 स्वास्थ्य परीक्षण किए गए हैं।

ये भी पढ़ें  युवा बताएंगे उत्तराखंड की राह, सरकार सुनेगी और उपयोगी विचारों को नीतियों से जोड़ेगी - HNM

प्रस्तुतीकरण के दौरान Labour Cess Collection Management System (LCCMS) की प्रगति की भी जानकारी दी गई। बताया गया कि इस प्रणाली को वर्ष 2025 में ई-गवर्नेंस श्रेणी में SKOCH Gold Award से सम्मानित किया गया है। भारत सरकार के स्तर पर भी इस प्रणाली की सराहना की गई है तथा इसे Best Practices Compendium में शामिल किया गया है। इस प्रणाली के माध्यम से 21,200 प्रतिष्ठानों का ऑनलाइन पंजीकरण किया गया है और सेस संग्रह में 47.21 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। LCCMS को देशभर में अपनाए जाने योग्य डिजिटल गवर्नेंस मॉडल के रूप में भी प्रस्तुत किया गया है।

मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री श्रमिक स्वास्थ्य योजना की प्रगति पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि योजना के अंतर्गत श्रमिकों की नियमित स्वास्थ्य जांच से कुछ गंभीर बीमारियों की समय रहते पहचान होने में भी मदद मिली है। प्रस्तुतीकरण में बताया गया कि मुंबई में आयोजित राष्ट्रीय भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार सम्मेलन में इस योजना को राष्ट्रीय स्तर पर सराहना मिली तथा पश्चिम बंगाल, दिल्ली, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के प्रतिनिधियों ने उत्तराखण्ड के इस मॉडल को अपने राज्यों में अपनाने में रुचि व्यक्त की। मोबाइल मेडिकल यूनिट के माध्यम से श्रमिकों को कार्यस्थल पर ही जांच, परामर्श और रेफरल सेवाएं उपलब्ध कराने की इस पहल को विस्तार योग्य एवं अनुकरणीय मॉडल के रूप में प्रस्तुत किया गया।

इस अवसर पर राज्य सलाहकार संविदा बोर्ड के अध्यक्ष कैलाश पंत, सतर्कता समिति की अध्यक्ष गीता रावत, उपाध्यक्ष मोहनी पोखरिया, उत्तराखण्ड भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. श्रीधर बाबू अदांकी, सचिव प्रकाश चन्द्र दुम्का सहित श्रम विभाग एवं बोर्ड के अधिकारी उपस्थित रहे।

ये भी पढ़ें  देहरादून रोजगार मेले में 249 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित, अब तक 12 लाख से अधिक युवा लाभान्वित - HNM

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed